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सावन बरस मेह अति पानीआलेख

सावन बरस मेह अति पानी

सावन पर जितने गीत, ग़ज़ल और गाने लिखे गए वह शायद ही किसी माह के लिए लिखे गए हो। काव्य के लिए यह सबसे उर्वरित माह है जब मन के भीतर से कविता आती है चाहे वह मिलन की हो या विरह की।